Brief Description
पद्मकेशरयष्ट्याह्वाफेनिलैः पद्मकोत्पलैः । पृथक्पञ्चपलैर्दत्तं बलाकिंशुकचन्दनैः ॥ १२६
जले शृतं पचेत्तैलं प्रस्थं सौवीरसम्मितम् । लोध्रकाकोलिकोशीरजीवकर्षभकेशरैः ॥ १२७
मदयन्तिलतापत्रपद्मकेशरपद्मकैः । प्रपौण्डरीककालीयमेदामांसीप्रियङ्गुभिः ॥ १२८
कुङ्कुमैर्द्विगुणैः कर्षैः मञ्जिष्ठायाः पलेन च । महापद्ममिदं तैलं वातासृग्ज्वरनाशनम् ॥१२९
क्वाथ-कमलकेसर, मुलैठी, रीठा, पनाक, नीलोत्पल, स्वरैटी, टेसूके फूल और लाल चन्दन । प्रत्येक वस्तु २५-२५ तोले । पाकार्थ जल २० सेर । शेष क्वाथ ५ सेर।
कल्क लोध, काकोली, खस, जीवक, ऋषभक, नागकेसर, मदयन्तिका (मोतिया), तेजपात, कमलकेसर, पद्मक, पुण्डरिया, दारुहल्दी, मेदा, बालछड़ और फूलप्रिया । प्रत्येक १०-१। तोला । केसर २॥ तोले और मजीठ ५ तोले लेकर सबको पानीके साथ पीस लें।
विधि-क्वाथ, कल्क, १ सेर पानी, २ सेर सौवीरक और २ सेर तेल को एकत्र मिलाकर पकावें। जब तेलमात्र शेष रह जाय तो छान लें ।
यह तैल वातरक्त और ज्वर को नष्ट करता है
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | वातरक्त (Vatarakta) | महापद्मक तैलम् (Mahapadmaka Tailam) | भा.प्र.म.२९/१२६-१२९ | |||
| 2 | ज्वरघ्नम् - Jvaraghnam - Antipyretic / Febrifuge | महापद्मक तैलम् (Mahapadmaka Tailam) | भा.प्र.म.२९/१२६-१२९ |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
|---|