Brief Description
Kadamba Bark is also called as Wild Cinchona used as analgesic and antipyretic drug.
अभिधानमञ्जरी - मदनादिगणवर्ग - २०. लोध्रादिवर्ग
कदम्ब
कुत्सिताङ्गः कदम्बश्च नीपो भ्रमरबान्धवः | कादम्बर्यो वृत्तपुष्पः प्रावृष्यष्षट्पदप्रियः |
हेमपुष्पी पीतपुष्पी कथ्यते काचनारकः ||२७९||
कैयदेवनिघण्टु - १. ओषधिवर्ग
कदम्ब
कदम्बको वृत्तपुष्पः पुलकी पर्वताह्वयः ||९५५||
कादम्बर्यः कुत्सिताम्भो परो नर्तापहारकः | हरिप्रियः प्रावृषेण्यो नीपो गिरिकदम्बकः ||९५६||
कदम्बः शिशिरो ग्राही कषायो लवणो गुरुः | निहन्ति योनिदोषास्रकृच्छदाहविषव्रणान् ||९५७||
शीतवीर्यं तत्प्रवालं कषायं दीपनं लघु | रक्तपितातिसारघ्नमरोचकविनाशनम् ||९५८||
अम्लं तस्य फलं रुच्यं वीर्योष्णं श्लेष्मलं गुरु | पक्वं वातहरं साम्लं कफपित्तप्रकोपनम् ||९५९||
धन्वन्तरिनिघण्टु - ५. आम्रादिवर्ग
कदम्ब
कदम्बो वृत्तपुष्पश्च नीपस्तु ललनाप्रियः | कादम्बर्यः अङ्कवृक्षोऽन्यः सुवासः कर्णपूरकः ||१०५||
धाराकदम्बः प्रावृष्यः कादम्बर्यो हरिप्रियः | नीपो धूलिकदम्बोऽन्यः सुवासो वृत्तपुष्पकः ||१०६||
कदम्बस्तु कषायः स्याद्रसे शीतो गुणोऽपि च | व्रणसंरोहणश्चापि कासदाहविषापहः ||१०७||
निघण्टुशेष - १. वृक्षकाण्ड
कदम्ब
कदम्बे स्यात् पीतदारुः प्रावृषेण्यो हलिप्रियः ||१२|| हारिद्रकः कादम्बर्यः पुलकी पर्वताह्वयः |१३|
निघण्टुशेषटीका व्याख्या (श्रीवल्लभगणि कृत)
कद वैक्लव्ये सौत्रः, कद्यते कदम्बः, कदर्णिद्वा [हैमोणादिसू. ३२२] इत्यम्बः अबुङ् शब्दे कुत्सितमम्बते वा कदम्बः तत्र| पीतवर्णो दारुरस्य पीतदारुः, पुङ्क्लीबलिङ्गः| प्रावृषि भवः प्रावृषेण्यः, प्रावृष एण्यः [सिद्ध. ६.३.९२] इति एण्यः| हलिनः प्रियो हलिप्रियः, सुराधिवासनात्||१२||
हरिद्राया अयं हारिद्रः, तस्येदम् [सिद्ध. ६.३.१६०] इत्यण् स्वार्थिके के हारिद्रकः| कादम्बर्यां-मदिरायां साधुः कादम्बर्यः, तत्र साधौ [सिद्ध. ७.१.१५] इति यः, कादम्बर्यै हितो वा, तस्मै हिते [सिद्ध. ७.१.३५] इति हितेऽर्थे यः| पुलकः-रोमाञ्चोऽस्त्यस्य पुलकी| पर्वतस्य आह्वयोऽस्य पर्वताह्वयः| एतस्य लोके कयम्ब इति प्रसिद्धिः| अथास्य विशेषाः–
भावप्रकाश-पूर्वखण्ड-मिश्रप्रकरण - ५. पुष्पवर्ग
कदम्ब
कदम्बः प्रियको नीपो वृत्तपुष्पो हलिप्रियः | कदम्बो मधुरः शीतः कषायो लवणो गुरुः |
सरो विष्टम्भकृद्रूक्षः कफस्तन्यानिलप्रदः ||२८||
मदनपालनिघण्टु - ५. वटादिवर्ग
कदम्ब
कदम्बो गन्धवत्पुष्पः प्रावृषेण्यो महोन्नतिः | अन्यो धूलिकदम्बः स्यान्नीपो राजकदम्बकः |
कदम्बः शीतलः श्लेष्मपित्तरक्तगदापहः ||१३||
राजनिघण्टु - ९. प्रभद्रादिवर्ग
कदम्ब
कदम्बो वृत्तपुष्पश्च सुरभिर्ललनाप्रियः | कादम्बर्यः सिन्धुपुष्पो मदाढ्यः कर्णपूरकः ||९७||
कदम्बस्तिक्तकटुकः कषायो वातनाशनः | शीतलः कफपित्तार्तिनाशनः शुक्रवर्धनः ||९८||
Tectochrysin
Leucocyanidin
Chrysophenol
Emodin
Physcion
Sakuranetin
Puddumin B
Taxifolin
Apigenin
Sakuranetin
Prunetin
Beta-sitosterol
Kaempteritrin
Ursolic acid
Afzelin
n-octacosanol
Triacontane
n-octacosanol
Oleic Acid
Chrysin
Naringenin
Dihydrowogonin
Dihydromethycitin
2-hydroxy 2, 4, 4, 6- tetramethoxychalcone
Quercetin
Amygdalin
Ursolic acid
Stigmasterol
Prunetinoside V
Cadamine
Quinovic
Quinovic
Cadambine
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | कषाय - Kashaya - Astringent तिक्त - Tikta - Bitter कषाय - Kashaya - Astringent कटु - Katu - Pungent |
|---|---|
| Guna | शीत गुणम् - Sheeta Gunam - Drug property which induces coldness and reduces heat or inflammation गुरु गुणम् - Guru gunam - Drug action which induces heaviness |
| Veerya | Shita Virya |
| Vipaka | Katu |
| Prabhava | भगन्धर (Bhagandara, Anal fistula or diseases |
| Anupanam | रोगोपशमन अनुपानम् - Anupana according to the diseases. | modal-content
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | व्रण रोपण (Vruna Ropana, Wound/Ulcer healing) | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 2 | व्रण शोधन (Vruna shodhana, wound cleansing or ulcer debridement medicines)) | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 3 | ग्राही - Grahi - Drug action which increases appetite, aids in digestion and dries or desiccates dosha,dhatu and mala | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 4 | भग्नम् - Bhagnam - Disease spectrum with Bone Fractures and Ligament tears. | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 5 | मेदज व्य़ाधि (Medaja vyadhi, diseases associat | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 6 | तृष्णा / पिपासा / तृषा / तर्षणम् - Trishna / Pipasa / Trusha / Tarshana - Disease spectrum with excessive Thirst - Polydipsia | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 7 | रक्तपित्तम् (Raktapittam, Disease spectrum with uncontrolled bleeding from the body- Bleeding diathesis) | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 8 | दाहः - Daha - Burning parasthesia | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ | ||
| 9 | योनिरोगम् (Yonirogam) | न्यग्रोधादि गणम् - Nyagrodhadi Ganam | त्वक् - Tvak - Bark | अ.सं.सू.१६/२२, अ.हृ.सू.१५/४१-४२, सु.सू.३८/४८-४९ |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
|---|