Brief Description
पिबेन्नागबलामूलस्यार्धकर्षाभिवर्धितम्||११८||
पलं क्षीरयुतं मासं क्षीरवृत्तिरनन्नभुक्|
एष प्रयोगः पुष्ट्यायुर्बलवर्णकरः परम्||११९||
मण्डूकपर्ण्याः कल्पोऽयं यष्ट्या विश्वौषधस्य च||१२०|
सर्वाङ्गसुन्दरी व्याख्या ( कृत)
स०-नागबलामूलस्य पलं क्षीरयुतं पिबेत्| किम्भूतम् ? अर्धकर्षादिवर्धितं मासं यावत्| किम्भूतो नरः ? क्षीरवर्तनोऽनन्नादः सन्| अयं प्रयोगः सुष्ठु पुष्ट्यादिकरः| एवमेव कल्पो मण्डूकपर्ण्याः यष्ट्याः शुण्ठ्याश्च कार्यः|
आयुर्वेदरसायनम् व्याख्या ( कृत)
आ० र०- नागबलारसायनमाह----
पिबेदिति| वर्धितं अर्धकर्षेणैव, अष्टभिर्दिनैः पलं भवति| अतः पलमेव, यावन् मासः पूर्यते|
अन्यद्रसायनमाह-मण्डूकपर्ण्या इति| अयं-नागबलोक्तः| सङ्ग्रहे तु (चि. अ. ५)- "पादशेषं जलद्रोणे पचेन्नागबला तुलाम्| तेन क्वाथेन तुल्यांशं घृतं क्षीरं च साधयेत्|| पलार्द्धिकैश्चातिबलायष्टीपुनर्नवैः| प्रपौण्डरीककाश्मर्यप्रियालकपिकच्छुभिः|| अश्वागन्धासिताभीरुमेदायुग्मत्रिकण्टकैः| काकोलीक्षीरकाकोलीक्षीरशुक्लर्धिजीवकैः|| मृणालबिसखर्जूरशृङ्गाटककसेरुकैः| एतन्नागबलासर्पिः पित्तं रक्तं क्षतं क्षयम्|| जयेत्तृड्भ्रमदाहांश्च बलपुष्टिकरं परम्| वर्ण्यमायुष्यमोजस्यं वलीपलितनाशनम्|| उपयुज्य च षण्मासं वृद्धोऽपि तरुणायते| क्षीरशुक्ला-क्षीरविदारी| मृणालबिसे-सूक्ष्मस्थूलपद्ममूले| शर्करापिप्पलीचूर्णैः सर्पिषा माक्षिकेण च|| संयुक्तं वा शृतं क्षीरं पिबेत्कासज्वरापहम्| फलाम्लं सर्पिषा भृष्टं विदारीक्षुरसे कृतम्|| स्त्रीषु क्षीणः पिबेद्यूषं जीवनं बृंहणं परम्| सक्तूनां वस्त्रपूतानां मन्थं क्षौद्रघृतान्वितम्| यवान्नसात्म्यो दीप्ताग्निः क्षतक्षीणः| जीवनीयोपसिद्धं वा जाङ्गलं घृतभर्जितम्|| रसं प्रयोजेत् क्षीणो व्यञ्जनार्थं सशर्करम्|| व्यञ्जनार्थं-शाकार्थम्| गोमहिष्यश्वनागाजैः क्षीरैर्मांसरसैस्तथा| यवान्नं भोजयेद्यूषैः फलाम्लैर्वा घृताप्लुतैः||" इति|-
ब्राह्मी चूर्णको १ महीने पर्यंत, दूध के साथ आधाकर्षसे प्रारंभकर हरदिन आधाकर्ष बढाता जावे और केवल दूध पीलिजिये ।
इस रसायन पुष्टिकर, आयुष्य,बलकर,वर्णकर है और कास को कम करता है ।
इस कल्पप्रयोग को नागबला,मुलेटी,सोण्ठ के साथ प्रत्येक करसक्ते है ।
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | आयुष्यम् - Ayushyam - Pharmacological action which increases Lifespan | शुण्ठी कल्पप्रयोगम् (Shunthi kalpa Prayogam) | अ.हृ.चि.३/११८-१२० | |||
| 2 | देहपुष्टिकरम् - Deha Pushtikaram - Pharmacological action which promotes overall growth of the body / Nutritive / Nourishing | शुण्ठी कल्पप्रयोगम् (Shunthi kalpa Prayogam) | अ.हृ.चि.३/११८-१२० | |||
| 3 | बलकारक / बल्य / सामर्थ्यदायकम् - Balakaraka / Balya / Samarthyadayakam - Ergogenic , strength enhancer, Tonic | शुण्ठी कल्पप्रयोगम् (Shunthi kalpa Prayogam) | अ.हृ.चि.३/११८-१२० | |||
| 4 | वर्णकारकम् / वर्ण्यम् - Varna karaka / Varnya - Drug action which enhances color and glow of Skin | शुण्ठी कल्पप्रयोगम् (Shunthi kalpa Prayogam) | अ.हृ.चि.३/११८-१२० | |||
| 5 | क्षयज कास (Kshayaja Kasa) | शुण्ठी कल्पप्रयोगम् (Shunthi kalpa Prayogam) | अ.हृ.चि.३/११८-१२० | |||
| 6 | धातुक्षयम् - Dhatukshayam - Spectrum of diseases associated with Cachexia or loss of muscle mass | शुण्ठी कल्पप्रयोगम् (Shunthi kalpa Prayogam) | अ.हृ.चि.३/११८-१२० |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
|---|