Brief Description
पत्रागुरुमुस्तैला निर्यासाः पञ्च चन्दनं स्पृक्का|
त्वङ्नलदोत्पलबालकहरेणुकोशीरवन्यनखाः||७७||
सुरदारुकनककुङ्कुमध्यामककुष्ठप्रियङ्गवस्तगरम्|
पञ्चाङ्गानि शिरीषाद्व्योषालमनःशिलाजाज्यः||७८||
श्वेतकटभीकरञ्जौ [१] रक्षोघ्नी सिन्धुवारिका रजनी|
सुरसाञ्जनगैरिकमञ्जिष्ठानिम्बनिर्यासाः||७९||
वंशत्वगश्वगन्धाहिङ्गुदधित्थाम्लवेतसं लाक्षा|
मधुमधुकसोमराजीवचारुहारोचनातगरम्||८०||
अगदोऽयं वैश्रवणायाख्यातस्त्र्यम्बकेण षष्ट्यङ्गः|
अप्रतिहतप्रभावः ख्यातो महागन्धहस्तीति||८१||
पित्तेन गवां पेष्यो गुटिकाः कार्यास्तु पुष्ययोगेन|
पानाञ्जनप्रलेपैः प्रसाधयेत् सर्वकर्माणि||८२||
पिल्लं कण्डूं तिमिरं रात्र्यान्ध्यं काचमर्बुदं पटलम्|
हन्ति सततप्रयोगाद्धितमितपथ्याशिनां पुंसाम्||८३||
विषमज्वरानजीर्णान्दद्रुं कण्डूं विसूचिकां पामाम्|
विषमूषिकलूतानां सर्वेषां पन्नगानां च|
आशु विषं नाशयति समूलजमथ कन्दजं सर्वम्||८४||
एतेन लिप्तगात्रः सर्पान् गृह्णाति भक्षयेच्च विषम्|
कालपरीतोऽपि [२] नरो जीवति नित्यं निरातङ्कः||८५||
आनद्धे गुदलेपो योनौ लेपश्च मूढगर्भाणाम्|
मूर्च्छार्तिषु च ललाटे प्रलेपनमाहुः प्रधानतमम्||८६||
भेरीमृदङ्गपटहाञ्छत्राण्यमुना तथा ध्वजपताकाः|
लिप्त्वाऽहिविषनिरस्त्यै प्रध्वनयेद्दर्शयेन्मतिमान्||८७||
यत्र च सन्निहितोऽयं न तत्र बालग्रहा न रक्षांसि|
न च कार्मणवेताला वहन्ति [३] नाथर्वणा मन्त्राः||८८||
सर्वग्रहा न तत्र प्रभवन्ति न चाग्निशस्त्रनृपचौराः|
लक्ष्मीश्च तत्र भजते यत्र महागन्धहस्त्यस्ति||८९||
पिष्यमाण इमं चात्र सिद्धं मन्त्रमुदीरयेत्|
‘मम माता जया नाम जयो [४] नामेति मे पिता||९०||
सोऽहं जयजयापुत्रो विजयोऽथ जयामि च|
नमः पुरुषसिंहाय विष्णवे विश्वकर्मणे||९१||
सनातनाय कृष्णाय भवाय विभवाय च|
तेजो वृषाकपेः साक्षात्तेजो ब्रह्मेन्द्रयोर्यमे||९२||
यथाऽहं नाभिजानामि वासुदेवपराजयम्|
मातुश्च पाणिग्रहणं समुद्रस्य च शोषणम्||९३||
अनेन सत्यवाक्येन सिध्यतामगदो ह्ययम्|
हिलिमिलिसंस्पृष्टे रक्ष सर्वभेषजोत्तमे स्वाहा [५] ||९४||
इति महागन्धहस्तीनामाऽगदः
तेजपात, अगर, नागरमोथा, इलायची, पश्चनिर्यास (राल, गूगल, सिल्हक, लोबान और अफीम). चन्दन, स्पृक्का (असवरग), दालचीनी, जटामांसी, कमल, सुगन्धबोला, रेणुका, खस, नखी नामक गन्ध द्रव्य, देवदारु, धतूरा, केसर, गन्धतृण, कूठ, फूलप्रियङ्गु, तगर, सिरसका पंचांग (छाल, फूल, पत्र बीज, जड़); सोंठ, मिर्च, पीपल, हरताल, मनसिल, जीरा, अपराजिता (सफेद फूलको कोयल), कटभी (अपराजिता भेद या छोटी माल कंगनी), करञ्ज, सफेद सरसो, संभालु, हल्दी, तुलसी, रसौत, गेरु, मजीठ, नीमके पत्तोंका रस, बांसकी छाल, असगन्ध, हीग, कैथ, अम्लवेत, लाख, मुलैठी, महुवेके फूल, बावची, बच, रुहा (दूर्वा या मांसरोहिणी) गोरोचन और तगर, पुष्य नक्षत्रमें ये साठ ओषधियां समान भाग लेकर महीन चूर्ण बनावें और उसे गोपित्तमें (मूल पाठमें गोपित्त शब्द है परन्तु १० वर्षका पुराना गोघृत मिलानेसे भी गुण दायक सिद्ध होगा।) घोटकर गोलियां बना लें।
इमे पान अञ्जन और प्रलेप द्वारा प्रयुक्त करना चाहिये ।
इसे हित मित पय भोजन करते हुवे आंख में
लगानेसे पिल्ल, आँखकी खुजली, तिमिर, रतौंधा, काच, अर्बुद और पटलादि नेत्र रोग नष्ट होते हैं।
यह अगद विषम ज्वर, अजीर्ण, दाद, खुजली, विसूचिका, पामा, कुष्ठ, किटिभ, श्वेत कुष्ठ, विचर्चिका, चूहेका बिष, मकड़ीका विष, समस्त प्रकारके सर्पोंका विष, मूलविष और कन्द विष इत्यादिको शीघ्र ही नष्ट कर देता है।
इस अगदका शरीर पर लेप करके सर्पको पकड़ लिया जाय या विष भक्षण कर लिया जाय तो भी प्राण हानि नहीं हो सकती।
यदि विषके प्रभावसे मृत्प्रायः व्यक्ति पर भी इसे प्रयुक्त किया जाय तो वह स्वस्थ हो जाता है।
आध्मान रोगमें गुदा पर और मूढगर्भ में योनिपर इसका लेप करना चाहिये । मूछों और शिर पीडामें शिर पर इसका लेप करना अत्यन्त लाभदायक है।
भेरी, मृदङ्ग और ढोल आदि बाजों पर इसका लेप करके उन्हें सर्पविष-ग्रस्त मनुष्यके सामने बजाने और छत्र, ध्वजा तथा पताका पर लेप करके उसे दिखानेसे विष नष्ट हो जाता है।
जिस स्थानमें यह अगद रहता है वहां बालग्रह, राक्षस, कार्मण, बेताल और विरोधियों द्वारा प्रयुक्त अथर्व वेदोक्त मन्त्र किसी प्रकारको हानि नहीं कर सकते।
इसकी विद्यमानतामें अग्नि शस्त्र, राजा और चोरादि भी हानि नहीं पहुंचा सकते । ( जिसके। पास यह औषध होगी उससे सभी लोग अपने स्वार्थ वश या उसकी महत्ताके विचारसे मित्र भाव
रक्खेंगे और उसे राजा तथा चोरादि भी हानि न पहुंचाएंगे, न उस पर कोई शस्त्र प्रहार करेगा और न अग्नि लगायगा ।) जिसके पास यह अगद होगा उसे धनकी | कमी न रहेगी।
इसे तैयार करते समय " मम माता........ स्वाहा " मन्त्रका जाप करते रहना चाहिये ।
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | कार्यसिद्धि (Karyasiddhi, Success of work) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 2 | पिल्ल/प्रक्लिन्न वर्त्म (Pilla, Diseases spectrum with inflammation of eyelids, watery eyes, dull pain - Blepharitis) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 3 | नेत्रकण्डू (Netrakandu) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 4 | काचम् (Kacham, Disease spectrum with loss of eyesight- trachoma, leprosy, onchocerciasis, xerophthalmia, cataract, Age-related macular degeneration, diabetic retinopathy ,glaucoma ) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 5 | तिमिरम् (Timiram, Disease spectrum with partial loss of vision ) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 6 | विषम ज्वर (Vishama jvara) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 7 | अजीर्णम् / अविपाकम् - Ajeernam / Avipakam - Disease spectrum with Indigestion | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 8 | दद्रु - Dadru - Skin Disease spectrum with elevated, reddish , pruritic papules arranged in circular manner. | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 9 | कण्डू (Kanudu) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 10 | विसूचिका - Visuchika - Disease spectrum with vomiting and diarrhea | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 11 | कार्यजयम् (Karyajayam) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 12 | मूषिक विष (Mushika visha) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 13 | लूता विष (Luta visha, Spider poison), Spider bites) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 14 | सर्प विष (Sarpavisha, Snake poisoning or inf | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 15 | स्थावर विष (Sthavara visha, plant based poisons, organic poisons and inorganic poisons) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 16 | रसायनम् - Rasayana - Drug action which prevents old age and prolongs life with proper nourishment to the body | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 17 | आनाहः / विष्टंम्भ - Anaha - Disease spectrum of Abdominal distention associated with stoppage of excretion of Urine, Feces and flatus | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 18 | मूर्छा (Murcha, Disease spectrum with altered consciousness- Vegetative state, minimally conscious state - Traumatic/ Non traumatic/ Progressive - Brain injury ) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 19 | पामा (Pama, White/dull white/yellowish black | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 20 | बालग्रह (Balagraha) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 21 | राक्षस ग्रहोन्मादम् (Rakshasa Grahonmadam) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 22 | दुष्ट/नीच शक्ति निवारणम् (Dushta/Neecha shakti Nivarana - Destruction of demonly powers) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 23 | रक्षोघ्न (Rakshoghna) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 24 | धन्यम् (Dhanyam, accumulation of money) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 25 | भूतग्रहम् / भूतोन्मादम् / आधिज उन्मादम् / आगन्तुज उन्मादम् - Bhutagraham / Bhutonmadam / Adhija Unmadam / Agantuja Unmadam - Altered mental health or altered personality enforced due to supernatural spirits | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 26 | अग्नि भय (Agnibhaya, Fear of fire accident) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 27 | कृत्याकर्म - Krutyakarma - Magical destructive act through hymns and supernatural energies | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 28 | चोर भयम् (Chorabhayam, Fear of Theft) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 29 | राजभयम् (Rajabhayam - Threat from state administration) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 30 | रात्र्यन्ध्यम्/निशान्धता (Ratryandhyam/Nishandhata -Night blindness /nyctalopia) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 31 | विग्रह/युद्ध निवारण (Vigraham/yuddha nivarana - War or quarrel prevention) ) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.सं.चि.२३/७७-९४ | |||
| 32 | मूढगर्भम् (Mudhagarbham - Obstructed Labor) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.चि.२३/७७-९४ | |||
| 33 | पटल दोषम् (Patala Dosham - ) | महागन्धहस्ती अगदम् (Mahagandhahasti Agadam) | च.चि.२३/७७-९४ |
| Disease Factors |
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| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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