Brief Description
(वै. र. । वर. . नि. र. । विषमञ्च. ; व. से. । ज्वरा.)
रुद्रजटागोशृङ्गं विडालविष्ठोरगस्य निर्मोकः ।
मदनफलभूतकेश्यौ वंशत्वग्रुद्रनिर्माल्यम् ॥
घृतयवमयूरचन्द्रकच्छगलकलोमानि सर्षपा सवचा हिङ्गुगवास्थिमरीचाः
समभागाश्छागमूत्रसम्पिष्टाः धूपविधिना शमयन्त्येते सर्वज्वरान्नियतम् ।
ग्रहडाकिनीपिशाचप्रेतविकारानयं धूपः ॥
रुद्रजटा, गायका सींग, विल्लीकी विष्टा, सांपकी कांचली, मैनफल, जटामांसी, बांसकी छाल, | शिवनिर्माल्य, घी, जौ, मोरके पंखका चन्द्रक, बकरेके बाल, सरसों, वच, हींग, गायकी हड़ी और काली मिरच समान भाग लेकर घीके अतिरिक्त समस्त ओषधियोंको एकत्र कूट लें और फिर उसमें घी मिलाकर बकरेके मूत्रमें घोटें । इसकी धूपसे समस्त ज्वर और डाकिनी, पिशाच तथा प्रेतादिक उपद्रव शान्त हो जाते हैं ।
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
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| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | |
| Vipaka | |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ज्वरघ्नम् - Jvaraghnam - Antipyretic / Febrifuge | माहेश्वरधूपः -1 (Maheshvara dhupa-1) | (वै. र. । वर. . नि. र. । विषमञ्च. ; व. से. । | |||
| 2 | रक्षोघ्न (Rakshoghna) | माहेश्वरधूपः -1 (Maheshvara dhupa-1) | (वै. र. । वर. . नि. र. । विषमञ्च. ; व. से. । | |||
| 3 | भूतग्रहम् / भूतोन्मादम् / आधिज उन्मादम् / आगन्तुज उन्मादम् - Bhutagraham / Bhutonmadam / Adhija Unmadam / Agantuja Unmadam - Altered mental health or altered personality enforced due to supernatural spirits | माहेश्वरधूपः -1 (Maheshvara dhupa-1) | (वै. र. । वर. . नि. र. । विषमञ्च. ; व. से. । | |||
| 4 | पिशाच ग्रहोन्मादम् (Pishacha grahonmada) | माहेश्वरधूपः -1 (Maheshvara dhupa-1) | (वै. र. । वर. . नि. र. । विषमञ्च. ; व. से. । | |||
| 5 | दुष्ट/नीच शक्ति निवारणम् (Dushta/Neecha shakti Nivarana - Destruction of demonly powers) | माहेश्वरधूपः -1 (Maheshvara dhupa-1) | (वै. र. । वर. . नि. र. । विषमञ्च. ; व. से. । |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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