इन्द्रवारुणी बीजम् / विशाला बीजम् - Indravaruni Beejam
Scientific Name: Citrullus colocynthis
Hindi Name: बडी इन्द्रायण की बीज / छोटा तरबूज़ की बीज / इन्द्रायण की बीज - Badi indrayan ki Beej / Chota tarbooj ki Beej/ Indrayan ki Beej
English Name: Colocynth / Bitter Apple - Seeds
Category: Plant Parts
Sub-Category: बीजम् - Beejam - Seeds
Out of Stock
Brief Description
The Colocynth and its preparations cause drastic irritation of the gastrointestinal mucosa hemorrhages. .This powerful herb is used to treat Constipation, Fungal infection, Bacterial infection, Inflammation, Larvicidal, Cold, Cough, amenorrhea.
अष्टाङ्गनिघण्टु - २६. श्यामादिगण
श्यामादिगण
श्यामादन्तीद्रवन्तीक्रमुककुटरणाशङ्खिनी चर्मसाह्वा- स्वर्णक्षीरीगवाक्षीशिखरिरजनकच्छिन्नरोहाकरञ्जाः |
बस्तान्त्री व्याधिघातो बहलबहुरसस्तीक्ष्णवृक्षात् फलानि श्यामाद्यो हन्ति गुल्मं विषमरुचिकफौ हृद्रुजं मूत्रकृच्छ्रम् ||१९१||
इन्द्रवारुणिका चैन्द्री गवाक्षी गजचिर्भिटी ||१९७|| विशाला च विशल्या च सैव प्रोक्ता गवादनी |
धन्वन्तरिनिघण्टु - १. गुडूच्यादिवर्ग
ऐन्द्रीन्द्रवारुणीन्द्राह्वाऽथेन्द्रवारुर्मृगादनी | गवादनी क्षुद्रफला वृषभाक्षी गवाक्ष्यपि ||२७७||
इन्द्रवारुणिकाऽत्युष्णा रेचनी कटुका तथा | कृमिश्लेष्मव्रणान्हन्ति हन्ति सर्वोदराण्यपि ||२७८||
अन्येन्द्रवारुणी प्रोक्ता विशाला च महाफला | आत्मरक्षा चित्रफला त्रपुसी त्रपुसा च सा ||२७९||
इन्द्रवारुद्वयं तिक्तं कटु पाके रसे लघु | वीर्योष्णं कामलापित्तकफश्लीपदनाशनम् ||२८०||
भावप्रकाश-पूर्वखण्ड-मिश्रप्रकरण - ४. गुडूच्यादिवर्ग
गवादिनीद्वय
ऐन्द्रीन्द्रवारुणी चित्रा गवाक्षी च गवादिनी |
वारुणी च पराप्युक्ता सा विशाला महाफला |श्वेतपुष्पा मृगाक्षी च मृगैर्वारु मृगादनी ||१७४||
गवादिनीद्वयं तिक्तं पाके कटु सरं लघु | वीर्योष्णं कामलापित्तकफप्लीहोदरापहम् ||१७५||
श्वासकासापहं कुष्ठगुल्मग्रन्थिव्रणप्रणुत् | प्रमेहमूढगर्भामगण्डामयविषापहम् ||१७६||
अभिधानमञ्जरी
मदनादिगणवर्ग - १. मदनवर्ग
अनुक्रमणिका
मदनमधुकलम्बानिम्बबिम्बीविशाला त्रपुसकुटचमूर्वादेवदालीकृमिघ्नम् |
विदुलदहनचित्राः कोशवत्यौ करञ्जः कणलवणवचैलासर्षपाश्छर्दनानि |
इन्द्रवारुणी
विशाला वारुणी चेन्द्रवारुणी सुरवारुणी |
गवादिनी गवाक्ष्यैन्द्री वृक्षाक्षी च वृषादनी ||९||
विशाल
महाफलाऽन्या गजचिद्भिटा स्यान्मृगादिनी चित्रफलाऽत्मरक्षा |
वसा मृगाक्षी त्रपुषा विशाला गजाह्वदन्ती सितपुष्पिकेति ||१०||
कैयदेवनिघण्टु - १. ओषधिवर्ग
इन्द्रवारुणी
ऐन्द्री त्विन्द्रसुरेन्द्राह्वा गवाक्षी सुरवारिणी ||१०२४||
ऐन्द्रिर्वारु क्षुद्रफला वृषभाक्षी वृषादनी | मृगभक्षा मृगैर्वारुः विशाला चेन्द्रवारुणी ||१०२५||
आत्मरक्षा चित्रफला चित्रदेवी महाफला |स्थाणुकर्णी धनुःश्रेणी त्रपुसी गजचिर्भटी ||१०२६||
गवादनी हस्तिदन्ती सूर्पाह्वा मरुसम्भवा | ऐन्द्री तिक्ता कटुर्लघ्वी कटुपाका विरेचनी ||१०२७||
उष्णवीर्या हरेत् पित्तं कफमेहव्रणकृमीन् | श्वासकासापचीकुष्ठप्लीहानाहगरोदरम् ||१०२८||
कामलामूढगर्भाश्मग्रन्थिगण्डामयं विषम् |१०२९|
मदनादिनिघण्टु - १. प्रथमगण
विशाला
विशाला च मृगेर्वारुर्गवाक्षी गजचिर्भिटी | गवादनी स्थूलफला मृगभक्षेन्द्रवारुणी ||१२||
चित्रफला
विशालाऽन्याचित्रफला त्रपुसी मरुसम्भवा | इन्द्रवारुर्हस्तिदन्ताचित्रा देवी महाफला ||१३||
कफपित्तहरा लघ्वी तिक्ता कट्वी विपाकतः | कामला पाण्डुशमनी विज्ञेया सुरवारिणी ||१४||
अभिधानरत्नमाला - ४. तिक्तस्कन्ध
गवादनी मृगोर्वारु र्गवाक्षी गजचिर्भिटा | विशाला च विशल्या च वारुणी शक्रवारुणी ||४९||
माधवद्रव्यगुण - १. विविधौषधिवर्ग
विशाला कफवातघ्नी मेहकुष्ठहरी सरा ||८१||
राजनिघण्टु - ३. गुडूच्यादिवर्ग
इन्द्रवारुणी
ऐन्द्रीन्द्रवारुण्यरुणा मृगादनी गवादनी क्षुद्रसहेन्द्रचिर्भिटा |
सूर्या विषघ्नी गुणकर्णिकाऽमरा माता सुवर्णा सुफला च तारका ||६९||
वृषभाक्षी गवाक्षी च पीतपुष्पीन्द्रवल्लरी | हेमपुष्पी क्षुद्रफला वारुणी बालकप्रिया ||७०||
रक्तेर्वारुविषलता शक्रवल्ली विषापहा | अमृता विषवल्ली च ज्ञेयोनत्रिंशदाह्वया ||७१||
इन्द्रवारुणिका तिक्ता कटुः शीता च रेचनी | गुल्मपित्तोदरश्लेष्मक्रिमिकुष्ठज्वरापहा ||७२||
विशाला
महेन्द्रवारुणी रम्या चित्रवल्ली महाफला | सा माहेन्द्री चित्रफला त्रपुसी त्रपुसा च सा ||७३||
आत्मरक्षा विशाला च दीर्घवल्ली बृहत्फला | स्याद्बृहद्वारुणी सौम्या नामान्यस्याश्चतुर्दश ||७४||
महेन्द्रवारुणी ज्ञेया पूर्वोक्तगुणभागिनी | रसे वीर्ये विपाके च किञ्चिदेषा गुणाधिका ||७५||
राजवल्लभनिघण्टु - ६. औषधाश्रयपरिच्छेद
विशालागुण
विशाला कफवातघ्नी चक्षुष्या मूत्रकृच्छ्रजित् ||१७||
सरस्वतीनिघण्टु - ४. लतावर्ग
इन्द्रवारुणिका
चित्रा विशाला गोडुम्बा मृगेर्वारुकिणी तथा | इन्द्रवारुणिका चित्रफला चोक्ता वृषादनी ||३६||
त्रपुषं मूलकं तिक्ता तिक्तत्रपुषा गजचिर्भटी । चित्रा विशाला त्रपुषी विशल्या चेन्द्रवारुणी ॥३७
शोढल निघण्टु - नामसङ्ग्रह (प्रथम भाग) - विषयसंग्रह
गुडूच्यादिवर्ग सङ्क्षिप्त गुण
विशाला त्रायमाणा च शङ्खिन्यङ्कोठ एव च | श्रेष्ठं पित्तविकारेषु योज्यमेतद् विरेचनम् ||१८||
महेन्द्रवारुणिकायां विशाला च महाफला ||२५५||
आत्मरक्षा चित्रफला तुम्बसी त्रपुषी तथा | श्वेतपुष्पा मृगाक्षी च मृगैर्वारुर्मृगादनी ||२५६||
हस्तिदन्ती कटुरसा कपिला क्षीरकप्रिया | कुम्भसी चित्रवेदी च वारणी गजचिर्भटा ||२५७||
ऐन्द्री श्लेष्महरा तिक्ता क्रिमिहन्त्री विरेचनी ||२४२||
विशाला कफपित्तघ्नी मेहकुष्ठज्वरापहा |
sitosterols
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | तिक्त - Tikta - Bitter |
|---|---|
| Guna | सर गुण - Saraguna - Drug action which imparts movement स्निग्ध गुणम् - Snigdha Gunam - Drug action which imparts unctuousness |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Katu |
| Prabhava | |
| Anupanam | उष्ण जलम् - Ushna Jalam - Hot Water | modal-content
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | स्थौल्यम् - Sthoulyam - Obesity - BMI 30.0 to 40 | त्रिफलादि तैलम् - 1 - Triphaladi Tailam - 1 | बीजम् - Beejam - Seeds | सुश्रुतसंहिता - चिकित्सास्थानम् - ३७. अनुवासनोत्तरबस्तिचिकित्सितम्, चक्रदत्तम् - स्थौल्याधिकारम् - Chakradattam - Sthoulyadhikara वंङ्ग सेन / बृहत् निघण्टु रत्नाकर / वृंन्द माधवम् / भावप्रकाशम् / योग रत्नाकरम् / गदा निग्रहम् / भैषज्य रत्नावली - मेदोरोगम् , बृहत् योग तरङ्गिणी। तरङ्गः. १०४ | ||
| 2 | आलस्यम् - Alasyam - Apathy / laziness / sloth - reluctance to work or make an effort | त्रिफलादि तैलम् - 1 - Triphaladi Tailam - 1 | बीजम् - Beejam - Seeds | सुश्रुतसंहिता - चिकित्सास्थानम् - ३७. अनुवासनोत्तरबस्तिचिकित्सितम्, चक्रदत्तम् - स्थौल्याधिकारम् - Chakradattam - Sthoulyadhikara वंङ्ग सेन / बृहत् निघण्टु रत्नाकर / वृंन्द माधवम् / भावप्रकाशम् / योग रत्नाकरम् / गदा निग्रहम् / भैषज्य रत्नावली - मेदोरोगम् , बृहत् योग तरङ्गिणी। तरङ्गः. १०४ | ||
| 3 | कफज व्याधि (Diseases associated with Kapha) | त्रिफलादि तैलम् - 1 - Triphaladi Tailam - 1 | बीजम् - Beejam - Seeds | सुश्रुतसंहिता - चिकित्सास्थानम् - ३७. अनुवासनोत्तरबस्तिचिकित्सितम्, चक्रदत्तम् - स्थौल्याधिकारम् - Chakradattam - Sthoulyadhikara वंङ्ग सेन / बृहत् निघण्टु रत्नाकर / वृंन्द माधवम् / भावप्रकाशम् / योग रत्नाकरम् / गदा निग्रहम् / भैषज्य रत्नावली - मेदोरोगम् , बृहत् योग तरङ्गिणी। तरङ्गः. १०४ | ||
| 4 | कण्डू - Kandu - Itching / Pruritus | त्रिफलादि तैलम् - 1 - Triphaladi Tailam - 1 | बीजम् - Beejam - Seeds | सुश्रुतसंहिता - चिकित्सास्थानम् - ३७. अनुवासनोत्तरबस्तिचिकित्सितम्, चक्रदत्तम् - स्थौल्याधिकारम् - Chakradattam - Sthoulyadhikara वंङ्ग सेन / बृहत् निघण्टु रत्नाकर / वृंन्द माधवम् / भावप्रकाशम् / योग रत्नाकरम् / गदा निग्रहम् / भैषज्य रत्नावली - मेदोरोगम् , बृहत् योग तरङ्गिणी। तरङ्गः. १०४ |
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
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