Brief Description
च.चि.२८/१५७-,अ.सं.चि.२३/४३
अमृतायास्तुलाः पञ्च द्रोणेष्वष्टस्वपां पचेत्||१५७||
पादशेषे समक्षीरं तैलस्य द्व्याढकं पचेत्|
एलामांसीनतोशीरसारिवाकुष्ठचन्दनैः||१५८||
बलातामलकीमेदाशतपुष्पर्धिजीवकैः [१] |
काकोलीक्षीरकाकोलीश्रावण्यतिबलानखैः||१५९||
महाश्रावणिजीवन्तीविदारीकपिकच्छुभिः|
शतावरीमहामेदाकर्कटाख्याहरेणुभिः||१६०||
वचागोक्षुरकैरण्डरास्नाकालासहाचरैः|
वीराशल्लकिमुस्तत्वक्पत्रर्षभकबालकैः||१६१||
सहैलाकुङ्कुमस्पृक्कात्रिदशाह्वैश्च कार्षिकैः|
मञ्जिष्ठायास्त्रिकर्षेण मधुकाष्टपलेन च||१६२||
कल्कैस्तत् क्षीणवीर्याग्निबलसम्मूढचेतसः|
उन्मादारत्यपस्मारैरार्तांश्च प्रकृतिं नयेत्||१६३||
वातव्याधिहरं श्रेष्ठं तैलाग्र्यममृताह्वयम्|
(कृष्णात्रेयेण [२] गुरुणा भाषितं वैद्यपूजितम्)||१६४||
इत्यमृताद्यं तैलम्|
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Madhura |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
|---|