Brief Description
अ.हृ.चि.8/145-148
पचेत्तुलां पूतिकरञ्जवल्काद्
द्वे मूलतश्चित्रककण्टकार्योः|
द्रोणत्रयऽपां चरणावशेषे
पूते शतं तत्र गुडस्य दद्यात्||१४५||
पलिकं च सूचिर्णितं त्रिजात
त्रिकटुग्रन्थिकदाडिमाश्मभेदम्|
पुरपुष्करमूलधान्यचव्यं
हपुषामाऱ्द्रकमम्लवेतसं च||१४६||
शीतीभुतं क्षौद्रविंशत्युपेत-
मार्द्रद्राक्षाबीजपूराद्रकैश्च|
युक्तं कामं गण्डिकाभिस्तथेक्षोः
सर्पिःपात्रे मासमात्रेण जातम्||१४७||
चुक्रं क्रकचमिवेदं दुर्दाम्नां वह्निदीपनं परमम्|
पाण्डुगरोदरगुल्मप्लीहानाहाश्मकृच्छ्रघ्नम्||१४८||
| Sl.No | Raw Material | Variant | Ratio | Quantity Required for 1000g | Unit |
|---|
| Rasa | |
|---|---|
| Guna | |
| Veerya | Ushna veerya |
| Vipaka | Madhura |
| Prabhava | |
| Anupanam | modal-content |
| Sl.No. | Disease Factor | Name of the combination | Form of the combination | Reference | Combination products | Procedure |
|---|
| Disease Factors |
|---|
| Type | Operator | Value | Unit | Frequency | Duration | Comment |
|---|